धर्मगुरुओं ने एक मंच से की कोविड से बचाव के नियमों का पालन करने की अपील
बलरामपुर 09 सितम्बर। कोरोना वायरस से बचाव के लिए धर्म गुरुओं ने वेबिनार में जनता से मास्क का प्रयोग करने व सोशल डिसटेनसिंग का पालन करने की अपील की। धर्म गुरुओं ने कोविड विजेताओं एवं उनके परिवारों का सम्मान करने व किसी भी प्रकार के भेदभाव से बचने की भी अपील जनता से की। उन्होने कोविड की जंग में बढ़ चढ़ कर योगदान दे रहे सभी स्वास्थ्य कर्मियों के योगदान को सराहा और जनसमुदायों से उनका सम्मान करने की गुहार लगाई।
बुधवार को राज्य स्तर पर वेबिनार का आयोजन स्फीयर इंडिया, यूनिसेफ, विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं वर्ड विजन इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। वेबिनार में उत्तर प्रदेश के 47 जनपदों से लगभग 250 धर्म गुरुओं एवं सिविल सोसायटी के सदस्यों ने प्रतिभाग किया। वेबिनार में स्फीयर इंडिया के सीईओ विक्रांत महाजन ने कहा इस महामारी के दौर में लोगों को करीब लाने में धर्म गुरुओं की भूमिका बहुत ही अहम है। धर्म गुरुओं की सहभागिता जनता में बढ़ रहे भेदभाव को कम करने में सहायक हो सकती है। धर्म गुरु कोविड से बचाव को सुनिश्चित करने की अहम कड़ी हैं। यूनिसेफ उत्तर प्रदेश की चीफ आॅफ फील्ड ऑफिस रूथ लीयानो ने बच्चों एवं महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर धर्म गुरुओं के सहयोग पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में धर्म गुरुओं ने बच्चों एवं महिलाओं से जुड़े मुद्दों को सदैव प्राथमिकता दी है और भ्रांतियाँ मिटाने में अहम भूमिका निभाई है। चाहे वह पोलियो का टीकाकरण कार्यक्रम हो या हाल ही में चला खसरा एवं रूबेल्ला टीकाकरण, धर्म गुरुओं ने बढ़ चढ़ कर कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की नैशनल प्रोग्राम मैनेजर डॉ ऋतु चैहान ने कहा कि कोविड किसी भी व्यक्ति को हो सकता है। ऐसे में धर्म गुरु एवं सभी धार्मिक संस्थाएं लोगों को कोविड से बचाव के नियमों का पालन करने के लिए एवम किसी भी भेदभाव से बचने के लिए प्रेरित करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। डॉ राजेंद्र कपूर, निदेशक संचारी रोग, चिकित्सा एवं स्वास्थ सेवा निदेशलाय उत्तर प्रदेश ने कहा कि धर्म गुरु लोगो को कोविड से बचाव के नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। साथ ही लोगों को यह भी समझा सकते हैं कि त्यौहारों को घर पर सादगी के साथ मनाएँ और ऐसा कोई भी कार्य न करें जिससे संक्रमण बढ्ने का खतरा हो। कोविड के कारण बढ़े भेदभाव को कम करने के साथ ही धर्म गुरु कोविड महामारी से जुड़ी भ्रांतियों को मिटाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
वेबिनाॅर में मौजूद मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी, डिप्टी वाइस चांसलर दारुल उलूम देओबन्द ने कहा कोरोना से सभी धर्म एवं वर्ग के लोग प्रभावित हो रहे हैं। हमे सभी प्रकार के भेदभाव को भूल कर जरूरतमंद लोगों की मदद करनी चाहिए। इस्लाम भी हमे यही सिखाता है। विश्वनाथ मंदिर के पुजारी टेक नारायण उपाध्याय ने कहा कि सभी धार्मिक स्थलों को कोविड नियमों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। मास्क का प्रयोग, हाथ धोने एवं उचित दूरी के नियमों का पालन अवश्य सुनिश्चित करें। फादर वर्गीस कुन्नाथ जन संपर्क अधिकारी आगरा महाधर्म प्रांत ने कहा कि मैं ऐसे कई परिवारों को जानता हूँ जहां लोग कोरोना से तो जीत चुके पर मानसिक रूप से अभी भी भय में जी रहे हैं। उनके परिवारों के साथ लोग भेदभाव करते हैं। ऐसा व्यवहार लोगों में भय को जन्म देता है और वे अपने कोविड लक्षणों को छुपाने लगते हैं। वेबिनार के दौरान आगरा के गुरु का ताल गुरुद्वारे के ग्रंथी बाबा प्रीतम सिंह, मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली, शाही इमाम, ऐशबाग ईदगाह, मनकामेश्वर मठ की महंत दिव्यागिरि, व ब्रह्मकुमारी से राधा बहन ने अपने विचार रखे। वेबिनार का समापन करते हुए यूनिसेफ के प्रोग्राम मैनेजर अमित महरोत्रा ने कहा कि ऐसे सत्र होते रहने चाहिए ताकि धर्म गुरु लोगों को प्रेम और भाईचारा बनाए रखने की प्रेरणा देते रहे।
रिपोर्ट बलरामपुर यूपी से वेदप्रकाश मिश्रा

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