बदायूँ
जिले में आए दिन हो रहे पत्रकारों के शोषण के खिलाफ आज ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने बदायूं क्लब में बैठक का आयोजन किया। बैठक के बाद पत्रकारों से संबंधित जिले की प्रमुख घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा गया। जिसके बाद डीएम कुमार प्रशांत ने आश्वासन देते हुए कहा कि किसी भी पत्रकार पर फर्जी मुकदमा दर्ज नहीं होगा। पत्रकारों के खिलाफ प्रार्थना पत्र व शिकायत आने पर पहले सीओ स्तरीय जांच कराई जायेगी।
आज मंगलवार को सुबह 10 बजे बदायूं क्लब में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन की बैठक का आयोजन जिलाध्यक्ष संजीव सक्सेना की अध्यक्षता में हुआ। जिसमें एम सगीर, मुकेश वशिष्ठ और मुहम्मद नईम ने अपने संबोधन में पत्रकारों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि वजीरगंज में सत्ताधारी नेता के गुर्गों द्वारा पत्रकार के खिलाफ फर्जी तहरीर दी गई। वहीं सहसवान में पत्रकार को फर्जी मुकदमे में जेल भेजा गया, बिसौली में पत्रकार के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसके अलावा उसहैत, बिल्सी सहित अन्य कस्बों में लगातार पत्रकारों का शोषण किया जा रहा है। वहीं स्थानीय पुलिस बिना जांच कर पत्रकार के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लेती है और उसे जेल तक भेज देती है। यह एक गंभीर विषय है, इसे जीपीए किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी।
जिलाध्यक्ष संजीव सक्सेना ने कहा कि अगर पत्रकार दोषी है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए लेकिन किसी बेगुनाह पत्रकार को फंसाया गया तो आंदोलन होगा। इसके बाद सभी पत्रकारों ने डीएम कार्यालय पहुंचकर डीएम कुमार प्रशांत को ज्ञापन सौंपा। डीएम ने बिसौली प्रकरण की तत्काल सीओ स्तरीय जांच के आदेश दिये वहीं आश्वासन दिया कि पत्रकारों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास किया जायेगा। डीएम ने कहा कि जिले भर में पत्रकार से संबंधित शिकायत आने पर पहले सीओ स्तरीय जांच कराई जायेगी।
इस मौके पर हरीश गुप्ता, छबीले चौहान, आइरा जिलाध्यक्ष वेदपाल सिंह, एस•शाहिद अली, ठाकुर नरेन्द्र सिंह, आई एम खाँन, विपिन यादव, पंकज कुमार, सौरभ कुमार, सुनील मिश्रा, प्रदीप प्रजापति, पवन मिश्रा, अरविंद कुमार, आतिफ आरफी आदि पत्रकार मौजूद रहे।

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