सम्पादक अखिलेश कुमार मिश्रा
फैजगंज पुलिस ने नही सुनी फरियादी की फरियाद ,फरियादी ने मुंसिफ कोर्ट में पहुँचकर की रिपोर्ट दर्ज करने की फरियाद
बिसौली
सत्ता में बैठी भाजपा सरकार चाहे भूमाफियाओ को रोकने में कितने भी जोर लगा ले ,और चाहे एंटीकरप्शन टीम की स्थापना कर दे ।पर ये भूमाफिया जो सत्ता के गलियारों से पैदा हो चुके है वो नही मानते है ।क्योंकि इन भूमाफियाओं से सरकारी चमचे जो मिले हुए ।"एक ऐसी ही कहावत है की किसी ने कहा है लेखपाल का लिखा हुआ राष्ट्रपति नही काटता है ।यही हुआ एक गांव के गरीब के साथ लेखपाल और कानूनगो ने भूमाफियाओं से मिलकर किसी और को देदी ।भूमाफिया इतने बड़े है उन्होंने कहा डाला की जो करना है सो कर लो ।वाह जिस उद्देश्य को लेकर प्रचण्ड बहुमत से समाजवादी पार्टी को हराकर भारतीय जनता पार्टी मैदान में आई ।और उत्तर प्रदेश की कमान योगी आदित्यनाथ जी के हाथ मे सौप दी ।पर महोदय ने उत्तर प्रदेश को संभालने के लिए पूरे दिन रात एक कार दिए पर क्या हम नही मानेंगे ।सईंया भये मंत्री तो अब डर काहे का यह भी कथन सही है ।भूमाफिया इतनी सख्त सरकार होने पर दबंगई कर रहा है तो कहि न कही या नेता है या नेता रिस्तेदार है ।यहाँ तक की थाना फैजगंज पुलिस ने भी नही सुनी फरियादी की फरियाद ।
आपको बता दे बिसौली तहसील क्षेत्र के ग्राम भोजपुर के रहने बाले रामनिवास पुत्र नारायण दास ने गांव के ही सतीश ,रामखिलाड़ी के खिलाफ ग्राम सभा की जमीन हड़पने और कब्जा दिलाने बाले लेखपाल,भूमाफिया और कानूनगों,के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के सम्बंध में मुंसिफ कोर्ट में दीवानी वाद दायर किया ।गांव के ग्रामीणों ने जब लेखपाल आदित्य उपाध्याय और कानूनगो अयूब अली से शिकायत की तो उन्होंने भी कोई कार्यवाही नही की ।ग्रामीण द्वारा इन भूमाफिया पर कार्यवाही के लिए कप्तान का भी दरवाजा खटखटाया पर उनके आदेश के वावजूद भी फैजगंज पुलिस के कानों में जू तक नही रेंगी ।आखिर क्यों उसके बाद में सब जगह से हार होने के बाद न्यायालय का दरवाजा खटखटाया अब देखो आखिर होता क्या है ।सरकारी जमीन सरकार के अंडर में और सरकारी दामाद ही उसे कर रहे है किसी ओर के हवाले ।

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