सम्पादक अखिलेश कुमार मिश्रा की कलम
इस तरह के ही अपराधी बनते विकास दुवे जैसे खूंखार अपराधी ।
बदायूं/बगरैन। प्रदेश की योगी सरकार अपराध पर अंकुश लगाने के प्रयास भले ही कर रही हो, लेकिन अपराधियों पर मेंहरवानी दिखाने वाले लापरवाह कुछ पुलिसकर्मियों के बजाय से सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ का सपना पूरा नहीं हो पा रहा है। कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष भी सरकार पर तंज कस रहा है तो वहीं जनता भी सरकार को गलत बता कर कोश रही है।
आपको बता दें बदायूं जिले की बगरैन चौकी क्षेत्र में लगभग 10 माह से अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ता जा रहा है। चौकी क्षेत्र में चोरी, गौकशी, लूट, हत्याएं जैसी घटनाएं लगातार बढ़ती ही जा रही है। बीते दिनों में गरगइया, गौटिया, पेपल बरखेड़ा, अगेइ, सिसंईया, करेंगी समेत कई गांवों में चोरों ने जमकर तांडव किया है और आसानी से लोगों के घरों में चोरी कर पुलिस को खुली चुनौती देकर रफू चक्कर हो जाते रहें हैं। चोरों ने एक ही रात और एक ही गांव में चार - पांच घरों को निशाना बनाकर लूटपाट की घटना को अंजाम दिया है। गांव सिसंईया में चोरी कि कई घटनाएं हो चुकी है भगवानदास नाम के एक व्यक्ति की दो भैंसे एक ही रात में चोर खोलकर लेे गए लेकिन कोई एफआईआर नहीं लिखी गई और नहीं कोई शुराग लगाने का प्रयास किया गया, गांव पेपल बरखेड़ा में बब्लू नाम के व्यक्ति के बंद पड़े घर में लाखों का सामान साफ कर दिया गया लेकिन कोई एफआईआर नहीं लिखी गई और नहीं कोई शुराग लगाने का प्रयास किया गया, गांव गरगइया गौटिया में पांच घरों में चोरी कर लाखों की चोरी कर ली गई लेकिन कोई एफआईआर नहीं लिखी गई और नहीं कोई शुराग लगाने का प्रयास किया गया, गांव करेंगी में एक भाजपा कार्यकर्ता के खेत में लगे ट्यूबेल की मोटर निकाल कर चोर आसानी से फरार हो गए लेकिन कोई एफआईआर नहीं लिखी गई और नहीं कोई सुराग लगाने का प्रयास किया गया, बगरैन में रहने वाले नरेश यादव को करखेडी मार्ग पर लूट लिया गया लेकिन कोई एफआईआर नहीं लिखी गई और नहीं कोई सुराग लगाने का प्रयास किया गया चौकी क्षेत्र के गांव उदयपुर में गौकशी होती रहती है बीते कुछ दिनों पहले लोगों की सिकायत पर पुलिस ने गौवंश काटते हुए महिला समेत 6 लोगों को पकड़ जेल भेजा था लेकिन इस पर भी अंकुश नहीं लग पाया है। पुलिस के ढुलमुल रवैया के चलते बगरैन में मामूली विवाद ने बड़ी घटना का रूप ले लिया और दिन दहाड़े एक व्यक्ति को गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। वहीं गांव मनकपुर में परिवारिक मामूली विवाद में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। और आपको ज्ञात करा दे की मुड़िया सतासी में लेखपाल, ग्राम प्रधान दोनो सरकारी जमीन की नाप कर रहे थे इतने में गांव के ही दबंग लोहा ने दोनों पर हमला बोल दिया प्रधान द्वारा नामजद तहरीर दी,पर कार्यवाही के नाम पर बगरैन चौकी पुलिस शून्य एक सरकारी कर्मचारी पर हाथापाई करने बालो को सिर्फ 151 में चालान ।आखिर क्यों
क्षेत्र में तमाम ऐसी घटनाएं घटती रही हैं मगर चौकी इंचार्ज सत्यवीर सिंह ने चोरों से पीड़ित एक भी व्यक्ति की आज तक कोई एफआईआर नहीं लिखी है पीड़ित अपनी अर्जी लेकर चौकी जाते है तो दरोगा साहब अपनी मिठास छिड़ककर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देते है। अब इसको सरकारी दस्तावेजों में अपराध का ग्राफ कमाना कहिए या फिर अधिकारियों में अपनी साफ सुथरी छवि का खेल या फिर अपराधियों को सह देना कहिए। क्या पीड़ितों की लूट चोरी की एफआईआर ना लिखना सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ को इस बात का सर्टिफिकेट देना तो नहीं है कि आपके आदेशानुसार हमने अपराध मुक्त क्षेत्र बना दिया है। हाल ही में 20 अगस्त की रात्रि में गांव अगेई निवासी वीरपाल सिंह के घर को चोरों ने अपना निशाना बनाया और किसी तरह घर में दाखिल हो गए नगदी और जेवरात समेत लाखों रुपए की चोरी कर ले गए लेकिन इस मामले में भी कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। क्षेत्र में हो रही घटनाओं से लोगों में दहसत का माहौल है कोरोना काल में लोग खुद अपने घर और पशुओं को रखा रहे है। चौकी क्षेत्र में अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए है लेकिन आला अधिकारियों की भी मेंहरवानी चौकी इंचार्ज बगरैन सत्यवीर सिंह पर बरस रहीं है जिसके चलते अभी भी सतवीर सिंह चौकी इंचार्ज की कुर्सी पर बने हुए है।

0 Comments